
उज्जैन की पावन भूमि से
प्रामाणिक वैदिक पूजा एवं अनुष्ठान
भगवान महाकालेश्वर, अंगारेश्वर एवं सिद्धवट के सानिध्य में आपके नाम-गोत्र से संपूर्ण शास्त्रोक्त विधि। उज्जैन आकर प्रत्यक्ष अथवा घर बैठे लाइव वीडियो संकल्प द्वारा पूजा में सम्मिलित हों।
अपने जीवन की समस्या अनुसार उपयुक्त पूजा जानें
नीचे दी गई स्थिति का चयन करें (स्वचालित परिवर्तन चालू है) और देखें कि उज्जैन में कौन सा विधान श्रेष्ठ है।
कालसर्प दोष निवारण पूजा
जब कुंडली में समस्त सात ग्रह राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं, तब कालसर्प योग का निर्माण होता है। उज्जैन में वैदिक संकल्प, नाग-नागिन पूजन, रुद्राभिषेक एवं वैदिक मंत्र जप से इस योग की शांति की जाती है।
उज्जैन की प्रमुख वैदिक पूजाएं
प्रत्येक पूजा की संपूर्ण सामग्री, विधि, मुहूर्त एवं दक्षिणा पारदर्शी रूप से नीचे दी गई है।

कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन
भगवान महाकाल की नगरी में क्षिप्रा तट पर 12 प्रकार के कालसर्प योग की शास्त्रोक्त शांति

मंगल दोष एवं भात पूजा उज्जैन
मंगल ग्रह की जन्मस्थली श्री अंगारेश्वर महादेव पर शास्त्रोक्त भात पूजन

अर्क विवाह एवं कुंभ विवाह उज्जैन
विवाह में अत्यधिक विलंब, वैधव्य योग अथवा प्रबल मांगलिक दोष निवारण हेतु वैदिक प्रतीकात्मक विवाह

पितृ दोष एवं नारायण नागबलि पूजा उज्जैन
अक्षय वट तीर्थ सिद्धवट एवं रामघाट पर पूर्वजों की तृप्ति, मोक्ष एवं पितृ ऋण से मुक्ति हेतु महाविधान

महामृत्युंजय जाप एवं अनुष्ठान उज्जैन
काल के स्वामी भगवान महाकालेश्वर के सानिध्य में स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं संकट मुक्ति हेतु महाअनुष्ठान

रुद्राभिषेक एवं महारुद्र पूजा उज्जैन
भगवान महाकाल को पंचामृत, गन्ने के रस व सुगंधित द्रव्यों से वेदोक्त अभिषेक

नवग्रह शांति एवं दोष निवारण पूजा
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु के कुप्रभावों की शांति हेतु वैदिक विधान

मां बगलामुखी महापूजा एवं अनुष्ठान
शत्रु शमन, न्यायालयीन विवादों में विजय, एवं आकस्मिक संकटों से सुरक्षा हेतु पीतांबरा देवी साधना

आचार्य संजय उपाध्याय
वेद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
आचार्य संजय उपाध्याय जी गत 25 वर्षों से उज्जैन के रामघाट एवं सिद्धवट तीर्थ पर शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराते आ रहे हैं। इनकी विद्या एवं अनुभव पर हजारों यजमान परिवारों की अटूट आस्था है।
ग्रह शांति एवं दोष निवारण हेतु उज्जैन ही क्यों सर्वश्रेष्ठ है?
उज्जैन (अवंतिका) को अनादि काल से हिंदू खगोल शास्त्र एवं काल गणना की नाभि माना गया है। कर्क रेखा (Tropic of Cancer) यहीं से होकर गुजरती है। भगवान महाकालेश्वर काल के स्वामी हैं और अंगारेश्वर मंगल ग्रह की जन्मभूमि है। यही कारण है कि पूरे भारत से श्रद्धालु दोष शांति हेतु उज्जैन पधारते हैं।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग, जो समस्त काल व मृत्यु जनित संकटों का हरण करता है।
अंगारेश्वर मंदिर (मंगल जन्मस्थली)
मत्स्य पुराण अनुसार मंगल ग्रह की उत्पत्ति यहीं हुई, अतः भात पूजा से मंगल शांति होती है।
सिद्धवट तीर्थ (अमर वटवृक्ष)
गया और प्रयागराज के समान अक्षय वट, जहां माता सीता ने राजा दशरथ का पिंडदान किया था।
उज्जैन के पांच प्रमुख सिद्ध पूजा तीर्थ
पूजा कैसे संपन्न होती है?
चाहे आप स्वयं उज्जैन पधारें अथवा घर बैठे लाइव वीडियो से जुड़ें, प्रक्रिया पूर्णतः शास्त्रसम्मत है।
कुंडली परीक्षण व परामर्श
जन्म विवरण भेजकर पंडित जी से बात करें और अपनी समस्या अनुसार सही विधान व शुभ मुहूर्त तय करें।
मुहूर्त एवं सामग्री व्यवस्था
पंडित जी द्वारा चांदी के नाग-नागिन, विशेष समिधा, पंचामृत एवं मंदिर व्यवस्था पूर्ण की जाती है।
प्रत्यक्ष अथवा लाइव संकल्प
उज्जैन में उपस्थित होकर अथवा व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लाइव संकल्प लेकर मंत्र जप व हवन में भाग लें।
पूर्णाहुति एवं प्रसाद प्रेषण
आरती व आशीर्वाद उपरांत महाकाल भस्म, रक्षासूत्र एवं अभिमंत्रित प्रसाद आपके पते पर स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है।
पूजा फोटो गैलरी
उज्जैन के पावन तीर्थों पर संपन्न विभिन्न पूजाओं एवं अनुष्ठानों की प्रामाणिक तस्वीरें।

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन

कालसर्प पूजा हवन कुंड

अंगारेश्वर मंदिर भात पूजा

सिद्धवट पर पिंडदान

रुद्राभिषेक पंचामृत अभिषेक

महामृत्युंजय हवन अनुष्ठान

नवग्रह शांति यज्ञ

क्षिप्रा तट एवं उज्जैन दर्शन

कुंभ विवाह संस्कार

बगलामुखी हवन पूजा

ऑनलाइन पूजा वीडियो संकल्प
भक्तों की सच्ची अनुभूतियां
देश एवं विदेश से आए यजमानों के विचार एवं पूजा के उपरांत के अनुभव।
राजेश शर्मा
नई दिल्ली"हमारे व्यापार में लगातार तीन वर्षों से रुकावटें आ रही थीं। उज्जैन आकर पंडित जी से रामघाट पर कालसर्प पूजा कराई। 3 घंटे का पूरा विधान बहुत ही शांति और वैदिक शुद्धता से संपन्न हुआ। मन को अद्भुत शांति मिली।"
श्रीमती सुनीता पाटिल
पुणे, महाराष्ट्र"बेटी के विवाह में अत्यधिक देरी हो रही थी। मंगलवार को अंगारेश्वर मंदिर में भात पूजा करवाई। पंडित जी ने दक्षिणा और सामग्री में पूरी पारदर्शिता रखी। कोई अतिरिक्त मांग नहीं की। अत्यंत आदरणीय अनुभव रहा।"
अमित कुमार वर्मा
लंदन, यूके (ऑनलाइन संकल्प)"पिताजी के गंभीर स्वास्थ्य संकट के समय हम यूके से उज्जैन नहीं आ सकते थे। व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लाइव संकल्प हुआ और 5 ब्राह्मणों ने 3 दिन तक अखंड जाप किया। कूरियर से महाकाल भस्म और रक्षासूत्र भी मिला। आभार!"
दीपक श्रीवास्तव
इंदौर, म.प्र."सिद्धवट तीर्थ पर तीन पीढ़ियों के पितरों का पिंडदान और तर्पण किया। वातावरण में एक अनोखी पवित्रता थी। पंडित जी ने हर एक श्लोक का अर्थ भी समझाया।"
पूजा से संबंधित सामान्य प्रश्न (FAQ)
उज्जैन में पूजा बुक करने की अग्रिम प्रक्रिया क्या है?
आप वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से अपना नाम, जन्म विवरण एवं इच्छित तिथि भेज सकते हैं। पंडित जी आपकी कुंडली देखकर उपयुक्त मुहूर्त तय करेंगे। यात्रा से कम से कम 1 दिन पूर्व सूचना देना श्रेयस्कर होता है।
क्या ऑनलाइन पूजा का फल भी प्रत्यक्ष उपस्थित होने के समान होता है?
शास्त्रों के अनुसार 'संकल्प' ही पूजा का प्राण है। जब वेदपाठी ब्राह्मण यजमान के नाम, गोत्र एवं कुल का स्पष्ट उच्चारण कर संकल्प लेते हैं और यजमान एकाग्र चित्त से दर्शन करता है, तो अनुष्ठान का पूर्ण आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।
पूजा के दौरान क्या कोई गुप्त या अतिरिक्त खर्च होता है?
कदापि नहीं। हमारी दक्षिणा पूर्णतः पारदर्शी है। पैकेज में चांदी की वस्तुएं, दूध, पंचामृत, हवन समिधा, ब्राह्मण दक्षिणा एवं मंदिर व्यवस्था शुल्क सम्मिलित होते हैं।
अपने जीवन के संकटों के निवारण हेतु आज ही पंडित जी से परामर्श करें
निःशुल्क कुंडली परीक्षण। अपनी जन्म तिथि एवं समय भेजकर जानें कि आपके लिए कौन सा वैदिक विधान सर्वोत्तम है।